किसान आत्महत्या कांड के बाद राजनीति गरमाई, गोपनीय एसीआर लीक होने पर उठे गंभीर सवाल
देहरादून/नैनीताल।
उधम सिंह नगर निवासी एक किसान द्वारा नैनीताल जिले में की गई आत्महत्या की घटना ने प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है। इस दुखद घटना के बाद जहां विपक्ष को सरकार पर हमला बोलने का नया मुद्दा मिल गया है, वहीं मृतक के भाई ने सामने आकर वीडियो जारी करते हुए सरकार द्वारा की गई कार्रवाई पर सीधे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया है।
घटना के बाद जिस तरह से पूरे प्रकरण को राजनीतिक रंग देने की कोशिशें तेज हुई हैं, उसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासनिक कार्रवाई के बीच अब निलंबित की गई पुलिस इंस्पेक्टर कुंदन रौतेला की गोपनीय एसीआर (वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट) सोशल मीडिया पर वायरल की जा रही है। यह एसीआर पूर्व में लिखी गई बताई जा रही है, लेकिन सवाल यह है कि इतनी गोपनीय और संवेदनशील दस्तावेज आखिर बाहर कैसे आया?
सूत्रों के मुताबिक, घटना के ठीक बाद एसीआर का सार्वजनिक होना संयोग नहीं माना जा रहा। इसे एक सोची-समझी रणनीति के तहत बाहर लाने और सोशल मीडिया में प्रमुखता से चलवाने की चर्चा है। सवाल उठ रहे हैं कि इस लीक के पीछे कौन है और किस उद्देश्य से इसे प्रचारित किया जा रहा है।
राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा तेज है कि बड़े जिले में पोस्टिंग पाने या मनचाही जगह पर खुद को स्थापित करने की होड़ में तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। इसी क्रम में “डायरेक्ट-नॉन डायरेक्ट” जैसी बहस को फिर से हवा दी जा रही है, ताकि माहौल को एक विशेष दिशा में मोड़ा जा सके।
इस पूरे घटनाक्रम ने साफ कर दिया है कि एक संवेदनशील और दुखद घटना अब केवल प्रशासनिक कार्रवाई तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि उसे राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या किसान की मौत पर सियासत भारी पड़ रही है और क्या गोपनीय दस्तावेजों का इस तरह सार्वजनिक होना भविष्य में प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर असर डालेगा?

