नगर निगम में विकास कार्यों के टेंडर फिर स्थगित,
नगर निगम देहरादून में विकास कार्यों के टेंडर को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा था घपलेबाजी के आरोपों के बीच निगम प्रशासन ने गुरुवार को खुलने वाले करोड़ों रुपये के विकास कार्यों से जुड़े टेंडर स्थगित कर दिए।है नगर निगम से जुड़े कुछ पार्षद पूरे।प्रयास में थे कि कैसे भी टेंडर हो जाए लेकिन शिकायतों के मद्देनजर उचित फैसला हुआ है
निगम के प्रभारी अधिशासी अभियंता की ओर से जिलाधिकारी कार्यालय को भेजी गई सूचना में बताया गया कि गुरुवार को खुलने वाले टेंडर अपरिहार्य कारणों से स्थगित किए गए हैं।
सूत्र बताते है कि एक आदेश के बाद रातों रात तहत टेंडर प्रपत्रों की बिक्री दो और तीन जनवरी को हुई, जबकि आठ जनवरी को टेंडर निगम के टेंडर बॉक्स में जमा किए जाने थे। गुरुवार को ठेकेदारों ने तय प्रक्रिया के तहत टेंडर भी जमा कर दिए, लेकिन शाम होते-होते निगम प्रशासन ने टेंडर स्थगित करने का आदेश जारी कर दिया।
भौतिक सत्यापन के बाद ही खुलेंगे टेंडर: महापौर
महापौर सौरभ थपलियाल ने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य विकास कार्यों में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। इसके लिए सभी प्रस्तावों का जमीनी स्तर पर भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है, ताकि स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सके। जांच पूरी होने के बाद ही टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
गौरतलब है कि नगर निगम के निर्माण कार्यों की तैयार सूची को लेकर भी विवाद सामने आया था। कई वार्डों में 20 से 22 लाख रुपये तक के कार्यों के टेंडर प्रस्तावित किए गए, जबकि कुछ वार्डों में यह राशि एक करोड़ रुपये के आसपास थी। बजट के इस असंतुलन को लेकर पार्षदों ने नाराजगी जताई थी। विरोध के चलते पहले टेंडर निरस्त कर नई प्रक्रिया शुरू किए जाने की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन निगम प्रशासन ने ऐसा नहीं किया।सूत्र बताते है कि जांच कमेटी ने अपनी संस्तुति भी नहीं दी वही नगर आयुक्त नमामी बंसल ने पहले ही संकेत दे दिए थे बिना जांच कोई टेंडर नहीं होगा सरकारी पैसा इस तरह व्यर्थ नहीं किया जा सकता है सीएम धामी भी सभी विभागों अधिकारियों को पारदर्शी कामकाज करने पर जोर देते रहे है।

