डीएम चमोली के खिलाफ दून में बैठक तीन दिन का कर्मचारियों ने दिया अल्टीमेटम।

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देहरादून जिलाधिकारी चमोली के अमर्यादित व्यवहार जेल भेजने की धमकी और गाली गलौच के खिलाफ आबकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने आज बड़ी बैठक करते हुए तीन दिनों के भीतर डीएम द्वारा की गई कारवाई को वापस न करने समेत कई मांगो पर एक्शन न होने की स्थिति में आंदोलन का ऐलान कर दिया है।संयुक्त मोर्चे के प्रेस नोट में दावा किया गया है कि जिलाआबकारी अधिकारी के साथ साथ एक अन्यवरिष्ट अफसर से अभद्रता की गई लिहाजा उन्हें जिला छोड़कर रुद्रप्रयाग आना पड़ा। हालांकि ऐसा दावा प्रेस नोट में किया गया है डीएम चमोली से संपर्क नहीं हो सका है उनका पक्ष भी पूर्व की भांति प्रकाशित किया जाएगा।

प्रेस नोट के मुताबिक

अधिकारी एवं कर्मचारियों की जनपद चमोली से सम्बन्धित प्रकरण में बैठक आहूत हुई जिसमें वी०सी० के माध्यम से सम्मिलित हुये श्री दुर्गेश्वर कुमार त्रिपाठी द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद चमोली में दिनांक 31.03.2025 के अपरान्ह 02.00 बजे व्यवस्थापन सम्बन्धित पत्रावली लेकर जिलाधिकारी, श्री संदीप तिवारी के समक्ष उपस्थित हुये थे। जिलाधिकारी द्वारा उनसे माँ बहन की गाली-गलौच के साथ अभद्र व्यवहार करते हुये कार्यालय से बाहर कर दिया गया और कहा गया कि जिलाधिकारी, चमोली ने कहा जब मै आबकारी कमिश्नर बनूगां तब मै तुम्हारे कैरियर को खा लूंगा और तुम्हारे कपड़े फाडकर तुम्हे जेल भिजवा दूगां और साथ ही कहा गया कि मेरे जनपद चमोली की सीमा से बाहर चले जाओ नहीं तो मैं तुम्हें जेल में डलवा दूंगा। श्री त्रिपाठी को जिलाधिकारी द्वारा धमकाने के चलते मानसिक दवाब होने के कारण घबराहट एवं बैचेनी महसूस हुई और इस मानसिक दबाव के चलते श्री त्रिपाठी द्वारा जिलाधिकारी चमोली को अवकाश का आवेदन देकर (जिलाधिकारी ने पत्र लेने से इन्कार किया) दिनांक 31.03.2025 को सायं जनपद को छोडा गया। जिलाधिकारी इस तथ्य से अवगत थे कि उन्हीं के द्वारा जनपद छोडने का दवाब बनाया गया था और इस बाद से भी भिज्ञ थे कि श्री त्रिपाठी जनपद छोडकर जा चुके है। इसलिये जिलाधिकारी चमोली द्वारा उसी दिन दिनांक 31.03.2025 को सांय को सहायक लेखाकार व कनिष्ठ लिपिक को डी०एम० कैम्प कार्यालय में बुलाया गया और श्री त्रिपाठी के विरूद्ध साजिशन एक नोट शीट तैयार कराकर इन दोनो कार्मिकों के हस्ताक्षर करने के लिये दबाव बनाया गया और फोन जब्त कर लिये गये। इन तथ्यों से अवगत होने के बावजूद भी अगले दिन 01.04.2025 को जानबूझकर जिलाधिकारी, चमोली द्वारा अपने स्टाफ सहित कलैक्ट्रेट परिसर गोपेश्वर में स्थित जिला आबकरी अधिकारी, कार्यालय का मुआयना किया गया और दिनांक 31.03.2025 को श्री मनीष रावत, कनिष्ठ सहायक का फोन जब्त किया गया था उसे मुआयने के समय जिलाधिकारी के सहायक श्री योगेश द्वारा कार्यालय जिला आबकारी अधिकारी में रख दिया गया।

इस प्रकार जिलाधिकारी, चमोली द्वारा आबकारी कार्मिकों के विरूद्ध अपमान जनक एवं झूठी कार्यवाही की गयी है जिसकी भर्त्सना की जा रही है। सभी उपस्थित कार्मिकों द्वारा उक्त घटना पर व्यापक रोष व्यक्त
इससे पूर्व भी दिनांक 18.03.2025 को जिलाधिकारी, श्री संदीप तिवारी द्वारा उनके साथ दुव्यवहार एवं अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया था। जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय जनपद चमोली में कार्यरत कार्मिको दिनांक 31.03.2025 के सांय 06.00 बजे जिलाधिकारी, श्री संदीप तिवारी द्वारा अपने कैम्प कार्यालय में बुलाकर एक नोटिंग पर जबरन हस्ताक्षर करने हेतु दबाव बनाया गया और उनके द्वारा मना करने पर उनके साथ गाली गलौच की गयी तथा जेल भिजवाने की धमकी दी गयी और फोन जबरन जब्त कर फोन बन्द कर अपने पास रख लिया और उनको रात 12.00 बजे तक अपने जिला आबकारी अधिकारी, कार्यालय में उपस्थित होने के आदेश दिये गये, और जिलाधिकारी, श्री संदीप तिवारी द्वारा पुनः सुबह अपने कार्यालय में बुलाकर स्टाम्प पेपर पर माफीनामा प्रस्तुत करने हेतु कहा गया और कहा गया कि आपके फोन तब ही वापस होगें जब आप इसमें लिखों कि हम दोनो कर्मचारीगण सांय 06.00 बजे अपने कार्यालय को बन्द करके चले गये थे और जिलाधिकारी, चमोली के सहायक श्री योगश कुमार द्वारा दबाव बनाया गया कि वह ऐसा स्टाम्प पेपर पर लिखकर दे कि वे लोग फोन बन्द करके गायब हो गये है। लेकिन आबकारी कर्मचारियों के द्वारा ऐसा लिखने से मना कर दिया।

उक्त बैठक में उपस्थित उपायुक्त, देहरादून परिक्षेत्र श्री प्रदीप कुमार द्वारा बताया गया कि दिनांक 17.03.2025 को वह आबकारी आयुक्त के निर्देश के क्रम में व्यवस्थापन कार्य के सहयोगार्थ जनपद चमोली गये और जनपद चमोली के जिलाधिकारी श्री संदीप तिवारी द्वारा उनके साथ भी अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुये उन्हे कार्यालय से बाहार निकाल दिया और कहा गया कि जब तक मै जनपद चमोली का जिलाधिकारी हूँ तब तक जनपद की सीमा में नहीं आना और जेल भेजने की धमकी दी गयी। अवगत कराया गया कि वह उन्हे रात्रि 11.00 बजे जनपद चमोली को छोड़कर जनपद रूद्रप्रयाग में रात्रि प्रवास करना पड़ा। जिससे उन्हें अत्यन्त मानसिक पीड़ा हुई। जिस सम्बन्ध में उनके द्वारा आबकारी आयुक्त एवं प्रमुख सचिव, आबकारी उत्तराखण्ड शासन को अवगत कराया गया था।

चमोली प्रकरण में रोष व्यक्त करने एवं जिलाधिकारी चमोली द्वारा किये व्यवहार की निंदा करने एवं जिला आबकारी अधिकारी, चमोली एवं उनके कार्मिकों के विरूद्ध की गयी फर्जी कार्यवाहियों को वापस लेने को वापस लेने के सम्बन्ध में आज दिनांक 03.04.2025 को हुई उक्त बैठक में आबकारी कार्मिक संयुक्त मोर्चे का गठन किया गया। जिसमें जिला आबकारी अधिकारी / सहायक आबकारी आयुक्त उत्तराखण्ड एसोशिएशन, आबकारी निरीक्षक संघ, उप आबकारी निरीक्षक संघ, प्रधान/आबकारी सिपाही संघ एवं मिनिस्ट्रीय स्टाफ संघ के समस्त पदाधिकारी / सदस्य उपस्थित रहे।

आबकारी कार्मिक संयुक्त मोर्चा की मांगो के समर्थन में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तराखण्ड के अध्यक्ष श्री अरूण पाडेय, खाद्य नागरिक आपूर्ति संघ के महा सचिव, श्री सुनील देवली, टाउन प्लान के अध्यक्ष श्री शिव प्रकाश नैथानी, कर्मचारी महा संघ रोडवेज के प्रदेश अध्यक्ष श्री दिनेश पंत, प्रदेश संगठन मंत्री राज्य कर विभाग श्री सुरेश शर्मा एवं अन्य विभागों के प्रदेश अध्यक्ष, महा मंत्री सम्मिलित हुए।
बैठक में निनम्नानुसार संयोजक मण्डल का गठन किया गया :-

  1. श्री अरूण पाडेय, अध्यक्ष राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तराखण्ड।
  2. श्री के०पी० सिंह, सहायक आबकारी आयुक्त, देहरादून।
  3. श्री नाथू राम जोशी, सहायक आबकारी आयुक्त, उधमसिंहनगर।
  4. श्री विजेन्द्र भण्डारी, आबकारी निरीक्षक, देहरादून।
  5. श्री शिव प्रसाद व्यास, आबकारी निरीक्षक, देहरादून।
  6. श्री किशन सिंह चौहान, आबकारी निरीक्षक, देहरादून।
  7. श्री दीपक भट्ट, प्रधान आबकारी सिपाही।

उक्त संयोजन मण्डल में पत्राचार करने हेतु श्री के०पी० सिंह, सहायक आबकारी आयुक्त, देहरादून एवं श्री शिव प्रसाद व्यास, आबकारी निरीक्षक, देहरादून सदस्यों को अधिकृत किया गया।

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तराखण्ड व आबकारी कार्मिक संयुक्त मोर्चा (समस्त संगठन आबकारी विभाग उत्तराखण्ड) द्वारा व्यापक रोष व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी, चमाली द्वारा की गयी कार्यवाही, गाली गालौच, निजता के उल्लंघन, अमानवीय व्यवहार, झूठे आरोप जैसे जिला आबकारी अधिकारी द्वारा फाईल को फेकना, कार्मिको द्वारा स्वयं फोन बन्द कर कार्यालय में अनुपस्थित रहना को पूरी तरह से नकारती है और इस झूठी और साजिशन कार्यवाही के विरूद्ध संघर्ष को आगे बढ़ाते हुये निम्नाकिंत मांगों को रखा जा रहा है यदि 03 दिवस के भीतर मांगे मानी नहीं गयी तो आबकारी कार्मिक संयुक्त मोर्चा, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तराखण्ड के साथ समस्त संगठन आबकारी विभाग उत्तराखण्ड जिसे उपर्युक्त समस्त संगठनों का समर्थन प्राप्त है, के द्वारा आंदोलन एवं तालाबन्दी कर दी जायेगी।

मांगे निम्नानुसार है:-

  1. जिलाधिकारी चमोली को तत्काल स्थानान्तरण किये जाने का अनुरोध है।
  2. श्री दुर्गेश्वर कुमार त्रिपाठी जिला आबकारी अधिकारी, चमोली व अधीनस्थ स्टॉफ श्री मनीष रावत व श्री धीरज भट्ट के विरूद्ध की गयी झूठी कार्यवाही को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाय या निरस्त किये जाने का अनुरोध है।
  3. जनपद चमोली में कार्मिको के विरूद्ध प्रताड़ना की कार्यवाहियों को विराम देने के लिए एवं आबकारी राजस्व हित में डरे हुये कार्मिकों को कार्यालय में सुरक्षित माहौल और वातावरण और विश्वास बहाली के उपाय किये जाने का अनुरोध है।